पूरी दाल ही काली है…
“सवाल दर सवाल”

दैनिक समाचार

1991 के उपासना स्थल अधिनियम एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अयोध्या बाबरी मस्जिद केस के निर्णय एवं अन्य निर्णयों की रोशनी में वर्तमान में कोई पुरातन पूजा स्थल का वाद पोषणीय हो सकता है?
ज्ञानवापी मामले में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पहले से ही टाइटल सूट को स्टे रखा गया है ऐसी स्थिति में क्षेत्र में दखल न्यायिक है?
ज्ञानवापी मामले में सिविल जज की अदालत में मां श्रृंगार गौरी के नित्य पूजन की मांग का मुकदमा दायर किया गया। ऐसी परिस्थितियों में क्या यह मुकदमा न्यायालय द्वारा विचारण योग्य था?
सिविल जज द्वारा एक सीमित श्रृंगार गौरी पूजन की मांग वाली याचिका पर संपूर्ण मस्जिद क्षेत्र का सर्वे कराने का आदेश और कमीशन जारी करना न्याय उचित है?
भारत के संविधान, संदर्भित विधि एवं अधिनियम अपेक्स कोर्ट के विभिन्न निर्णयों की रोशनी में जिला अदालत द्वारा इस वाद का विचारण एवं जांच और कमीशन के लिए आदेशित किया गया कार्य और न्यायिक अवमानना की श्रेणी में नहीं आते हैं?

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