प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देहरादून में लगभग 18,000 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। इसमें दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जंक्शन से देहरादून तक), दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर से हलगोआ, सहारनपुर से भद्राबाद, हरिद्वार को जोड़ने वाली ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट परियोजना, हरिद्वार रिंग रोड परियोजना, देहरादून-पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) सड़क परियोजना, नजीबाबाद-कोटद्वार सड़क चौड़ीकरण परियोजना और लक्ष्मण झूला के पास गंगा नदी पर एक पुल का निर्माण शामिल है। उन्होंने चाइल्ड फ्रेंडली सिटी प्रोजेक्ट, देहरादून, देहरादून में जलापूर्ति, सड़क तथा जल निकासी प्रणाली के विकास, श्री बद्रीनाथ धाम और गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास कार्यों और हरिद्वार में एक मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखी।
उन्होंने सात परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं का लक्ष्य इस क्षेत्र में यात्रा को सुगम बनाना है। क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या का समाधान, देवप्रयाग से श्रीकोट तक और एनएच -58 पर ब्रह्मपुरी से कोडियाला तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना, यमुना नदी पर निर्मित 120 मेगावाट की व्यासी जलविद्युत परियोजना, देहरादून में हिमालयी संस्कृति केंद्र और देहरादून में अत्याधुनिक इत्र तथा सुगंध प्रयोगशाला (सुगंधित पौधों के लिए केंद्र) इनमें शामिल हैं।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का भी प्रतीक है। इसलिए, राज्य का विकास केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन सरकार’ की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस शताब्दी की शुरुआत में, अटल जी ने भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने का अभियान शुरू किया था। प्रधानमंत्री ने कहा, लेकिन उनके बाद 10 साल देश में ऐसी सरकार रही, जिसने देश का, उत्तराखंड का, बहुमूल्य समय व्यर्थ कर दिया। उन्होंने कहा, “10 साल तक देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर घोटाले हुए, घपले हुए। इससे देश का जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई के लिए हमने दोगुनी गति से मेहनत की और आज भी कर रहे हैं.” बदली हुई कार्यशैली के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, “आज भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के इरादे से आगे बढ़ रहा है। आज भारत की नीति, ‘गतिशक्ति’ की है, दोगुनी-तीन गुनी तेजी से काम करने की है।”
प्रधानमंत्री ने कनेक्टिविटी के लाभों का जिक्र करते हुए कहा कि केदारनाथ त्रासदी से पहले, 2012 में 5 लाख 70 हजार लोगों ने दर्शन किए थे। उस समय यह एक रिकॉर्ड था, जबकि कोरोना काल शुरू होने से पहले, 2019 में 10 लाख से ज्यादा लोग केदारनाथ जी के दर्शन करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “यानी केदार धाम के पुनर्निर्माण ने ना सिर्फ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाई बल्कि वहां के लोगों को रोजगार- स्वरोजगार के भी अनेकों अवसर उपलब्ध कराए हैं।”
प्रधानमंत्री ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की आधारशिला रखने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “जब ये बनकर तैयार हो जाएगा, तो दिल्ली से देहरादून आने-जाने में जो समय लगता है, वो करीब-करीब आधा हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारे पहाड़, हमारी संस्कृति, आस्था के गढ़ तो हैं ही, ये हमारे देश की सुरक्षा के किले भी हैं। पहाड़ों में रहने वालों का जीवन सुगम बनाना देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। दुर्भाग्य से दशकों तक जो सरकार में रहे, उनकी नीति-रणनीति में दूर-दूर तक ये चिंतन कहीं था ही नहीं।”
विकास की गति की तुलना करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2007 से 2014 के बीच जो केंद्र की सरकार थी, उसने सात साल में उत्तराखंड में केवल 288 किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाए। जबकि हमारी सरकार ने अपने सात साल में उत्तराखंड में 2000 किलोमीटर से अधिक लंबाई के नेशनल हाईवे का निर्माण किया है।
प्रधानमंत्री ने अफसोस जताया कि सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहले की सरकारों ने उतनी गंभीरता से काम नहीं किया, जितना करना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘बॉर्डर के पास सड़कें बने, पुल बने, इस पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया।’ श्री मोदी ने कहा कि वन रैंक, वन पेंशन हो, आधुनिक अस्त्र-शस्त्र हो, आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देना हो, जैसे उन लोगों ने हर स्तर पर सेना को हतोत्साहित करने की कसम खा रखी थी। उन्होंने कहा, “आज जो सरकार है वो दुनिया के किसी भी देश के दबाव में नहीं आ सकती। हम राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम के मंत्र पर चलने वाले लोग हैं।
प्रधानमंत्री ने विकास नीतियों में केवल एक जाति, धर्म और भेदभाव को लाड़-प्यार करने की राजनीति की आलोचना की। उन्होंने राजनीति की उस विकृति पर भी प्रहार किया जो लोगों को मजबूत नहीं होने देती और उन्हें उनकी जरूरतों के लिए सरकार पर निर्भर बनाती है। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की सोच को स्पष्ट किया जिसने एक अलग रास्ता अपनाया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “कठिन मार्ग है, मुश्किल है, लेकिन देशहित में है, देश के लोगों के हित में है। ये मार्ग है-सबका साथ-सबका विकास। हमने कहा कि जो भी योजनाएं लाएंगे सबके लिए लाएंगे, बिना भेदभाव के लाएंगे। हमने वोट बैंक की राजनीति को आधार नहीं बनाया बल्कि लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी। हमारी अप्रोच रही कि देश को मजबूती देनी है।”
प्रधानमंत्री ने यह आश्वस्त करते हुए कहा कि “आजादी के इस अमृत काल में, देश ने जो प्रगति की रफ्तार पकड़ी है वो अब रुकेगी नहीं, थमेगी नहीं, बल्कि और अधिक विश्वास और संकल्पों के साथ आगे बढ़ेगी।”
प्रधानमंत्री ने इस जोशीली कविता के साथ अपनी बात समाप्त की ;
“जहाँ पवन बहे संकल्प लिए,
जहाँ पर्वत गर्व सिखाते हैं,
जहाँ ऊँचे नीचे सब रस्ते
बस भक्ति के सुर में गाते हैं
उस देव भूमि के ध्यान से ही
उस देव भूमि के ध्यान से ही
मैं सदा धन्य हो जाता हूँ
है भाग्य मेरा,
सौभाग्य मेरा,
मैं तुमको शीश नवाता हूँ
तुम आँचल हो भारत माँ का
जीवन की धूप में छाँव हो तुम
बस छूने से ही तर जाएँ
सबसे पवित्र वो धरा हो तुम
बस लिए समर्पण तन मन से
मैं देव भूमि में आता हूँ
मैं देव भूमि में आता हूँ
है भाग्य मेरा
सौभाग्य मेरा
मैं तुमको शीश नवाता हूँ
जहाँ अंजुली में गंगा जल हो
जहाँ हर एक मन बस निश्छल हो
जहाँ गाँव गाँव में देश भक्त
जहाँ नारी में सच्चा बल हो
उस देवभूमि का आशीर्वाद लिए
मैं चलता जाता हूँ
उस देवभूमि का आशीर्वाद
मैं चलता जाता हूँ
है भाग्य मेरा
सौभाग्य मेरा
मैं तुमको शीश नवाता हूँ
मंडवे की रोटी
हुड़के की थाप
हर एक मन करता
शिवजी का जाप
ऋषि मुनियों की है
ये तपो भूमि
कितने वीरों की
ये जन्म भूमि
मैं तुमको शीश नवाता हूँ और धन्य धन्य हो जाता हूँ
इस शताब्दी की शुरुआत में, अटल जी ने भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने का अभियान शुरू किया था।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
लेकिन उनके बाद 10 साल देश में ऐसी सरकार रही, जिसने देश का, उत्तराखंड का, बहुमूल्य समय व्यर्थ कर दिया: PM @narendramodi
10 साल तक देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर घोटाले हुए, घपले हुए।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
इससे देश का जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई के लिए हमने दोगुनी गति से मेहनत की और आज भी कर रहे हैं: PM @narendramodi
आज भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के इरादे से आगे बढ़ रहा है।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
आज भारत की नीति, गतिशक्ति की है, दोगुनी-तीन गुनी तेजी से काम करने की है: PM @narendramodi
https://twitter.com/PMOIndia/status/1467054115150700548?s=20
यानि केदार धाम के पुनर्निर्माण ने ना सिर्फ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाई बल्कि वहां के लोगों को रोजगार-स्वरोजगार के भी अनेकों अवसर उपलब्ध कराए हैं: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
आज मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली-देहरादून इकॉनॉमिक कॉरिडोर का शिलान्यास हो चुका है।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
जब ये बनकर तैयार हो जाएगा तो, दिल्ली से देहरादून आने-जाने में जो समय लगता है, वो करीब-करीब आधा हो जाएगा: PM @narendramodi
हमारे पहाड़, हमारी संस्कृति, आस्था के गढ़ तो हैं ही, ये हमारे देश की सुरक्षा के भी किले हैं।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
पहाड़ों में रहने वालों का जीवन सुगम बनाना देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
दुर्भाग्य से दशकों तक जो सरकार में रहे, उनकी नीति-रणनीति में दूर-दूर तक ये चिंतन कहीं था ही नहीं: PM
साल 2007 से 2014 के बीच जो केंद्र की सरकार थी, उसने सात साल में उत्तराखंड में केवल 288 किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाए।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
जबकि हमारी सरकार ने अपने सात साल में उत्तराखंड में 2 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई के नेशनल हाईवे का निर्माण किया है: PM @narendramodi
सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी पहले की सरकारों ने उतनी गंभीरता से काम नहीं किया, जितना करना चाहिए था।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
बॉर्डर के पास सड़कें बनें, पुल बनें, इस ओर उन्होंने ध्यान नहीं दिया: PM @narendramodi
वन रैंक वन पेंशन हो, आधुनिक अस्त्र-शस्त्र हो, आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देना हो, जैसे उन लोगों ने हर स्तर पर सेना को हतोत्साहित करने की कसम खा रखी थी।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
आज जो सरकार है वो दुनिया के किसी देश के दबाव में नहीं आ सकती।
हम राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम के मंत्र पर चलने वाले लोग हैं: PM
कुछ राजनीतिक दलों द्वारा, समाज में भेद करके, सिर्फ एक तबके को, चाहे वो अपनी जाति का हो, किसी खास धर्म का हो, उसे ही कुछ देने का प्रयास हुआ, उसे वोटबैंक में बदल दिया गया: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
इन राजनीतिक दलों ने एक और तरीका अपनाया।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
उनकी विकृति का एक रूप ये भी है कि जनता को मजबूत नहीं, उन्हें मजबूर बनाओ, अपना मोहताज बनाओ।
इस विकृत राजनीति का आधार रहा कि लोगों की आवश्यकताएं पूरी ना करो, उन्हें आश्रित बनाकर रखो: PM @narendramodi
दुर्भाग्य से, इन राजनीतिक दलों ने लोगों में ये सोच पैदा कर दी कि सरकार ही हमारी माई-बाप है, जब सरकार से मिलेगा, तभी हमारा गुजारा चलेगा।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
यानि एक तरह से देश के सामान्य मानवी का स्वाभिमान, उसका गौरव कुचल दिया गया, उसे आश्रित बना दिया गया और दुखद ये कि उसे पता भी नहीं चला: PM
इस सोच, इस अप्रोच से अलग, हमने एक अलग रास्ता चुना।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
कठिन मार्ग है, मुश्किल है, लेकिन देशहित में है, देश के लोगों के हित में है।
ये मार्ग है – सबका साथ-सबका विकास: PM @narendramodi
हमने कहा कि जो भी योजनाएं लाएंगे सबके लिए लाएंगे, बिना भेदभाव के लाएंगे।
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
हमने वोटबैंक की राजनीति को आधार नहीं बनाया बल्कि लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी।
हमारी अप्रोच रही कि देश को मजबूती देनी है: PM @narendramodi
आज़ादी के इस अमृत काल में,
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
देश ने जो प्रगति की रफ़्तार पकड़ी है वो अब रुकेगी नहीं,
थमेगी नहीं,
थकेगी नहीं,
बल्कि और अधिक विश्वास और संकल्पों के साथ आगे बढ़ेगी: PM @narendramodi
जहाँ पवन बहे संकल्प लिए,
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
जहाँ पर्वत गर्व सिखाते हैं,
जहाँ ऊँचे नीचे सब रस्ते
बस भक्ति के सुर में गाते हैं
उस देव भूमि के ध्यान से ही
उस देव भूमि के ध्यान से ही
मैं सदा धन्य हो जाता हूँ
है भाग्य मेरा,
सौभाग्य मेरा,
मैं तुमको शीश नवाता हूँ: PM @narendramodi
तुम आँचल हो भारत माँ का
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
जीवन की धूप में छाँव हो तुम
बस छूने से ही तर जाएँ
सबसे पवित्र वो धरा हो तुम
बस लिए समर्पण तन मन से
मैं देव भूमि में आता हूँ
मैं देव भूमि में आता हूँ
है भाग्य मेरा
सौभाग्य मेरा
मैं तुमको शीश नवाता हूँ: PM @narendramodi
जहाँ अंजुली में गंगा जल हो
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
जहाँ हर एक मन बस निश्छल हो
जहाँ गाँव गाँव में देश भक्त
जहाँ नारी में सच्चा बल हो
उस देवभूमि का आशीर्वाद लिए
मैं चलता जाता हूँ
उस देवभूमि का आशीर्वाद
मैं चलता जाता हूँ
है भाग्य मेरा
सौभाग्य मेरा
मैं तुमको शीश नवाता हूँ: PM @narendramodi
मंडवे की रोटी
— PMO India (@PMOIndia) December 4, 2021
हुड़के की थाप
हर एक मन करता
शिवजी का जाप
ऋषि मुनियों की है
ये तपो भूमि
कितने वीरों की
ये जन्म भूमि
मैं तुमको शीश नवाता हूँ
और धन्य धन्य हो जाता हूँ: PM @narendramodi